न्यायधारा : अंत्योदय की ओर एक मार्ग
समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और जागरूकता
न्याय धारा फाउंडेशन विधिक जागरूकता, विधिक सहायता तक पहुँच में सहयोग, मध्यस्थता और जनकल्याण के माध्यम से समाज के सबसे गरीब और वंचित लोगों के उत्थान के लिए कार्य करता है।
✓ धारा 8 के अंतर्गत पंजीकृत संस्था CIN U88900UT2026NPL021320
अंत्योदय क्या है?
“अंत्योदय” का शाब्दिक अर्थ है — समाज के अंतिम व्यक्ति का उत्थान। इसके अनुसार सभी संसाधनों और विकास के प्रयासों का पहला उद्देश्य समाज के सबसे वंचित, कमजोर और पिछड़े व्यक्ति तक पहुँचना होना चाहिए।
हमारे कार्यक्रमों की सफलता प्रभावशाली लाभार्थियों से नहीं, बल्कि सबसे गरीब और ज़रूरतमंद लोगों के जीवन में आए वास्तविक बदलाव से नापी जाएगी।
अंत्योदय हमारा मार्गदर्शक विचार है — यह किसी सरकारी योजना से जुड़ा नहीं है, और सदस्यता से कोई सरकारी लाभ या पद नहीं मिलता।
समाज के सबसे गरीब, वंचित एवं हाशिए पर खड़े लोगों के समग्र उत्थान तथा सामाजिक एवं कानूनी न्याय सुनिश्चित करने हेतु एक सुव्यवस्थित एवं संगठित यात्रा का प्रारम्भ।
हमारी धाराएँ
“धारा” — बहाव भी, कानून की धारा भी। हमारा काम छह धाराओं में बहता है।
- धारा 1
विधिक जागरूकता एवं सहायता
अधिकारों और कानूनों की सरल जानकारी; ज़रूरतमंदों को विधिक सेवा प्राधिकरणों की निःशुल्क विधिक सहायता तक पहुँचाने में सहयोग — विशेषकर महिलाएँ, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगजन।
- धारा 2
मध्यस्थता एवं सुलह
विवादों का शांतिपूर्ण समाधान — मध्यस्थता, सुलह और वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) के प्रति जागरूकता, प्रशिक्षण तथा परामर्श मंचों को सहयोग।
- धारा 3
अंत्योदय एवं जनसेवा
आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान हेतु जनसेवा एवं सामुदायिक विकास; सरकारी विभागों से जुड़ी कठिनाइयों में सही रास्ता दिखाना।
- धारा 4
शिक्षा, कौशल एवं आजीविका
शिक्षा, कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण और उद्यमिता — ताकि रोज़गार और स्वरोज़गार के अवसर बढ़ें।
- धारा 5
स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं जीव-कल्याण
स्वास्थ्य व स्वच्छता जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, तथा गौशालाओं और पशु कल्याण को सहयोग।
- धारा 6
संवैधानिक मूल्य एवं सुशासन
संवैधानिक मूल्यों, मौलिक कर्तव्यों, सामाजिक सद्भाव और पारदर्शिता के प्रति जागरूकता; सामाजिक अंकेक्षण और नागरिक भागीदारी।
कौन जुड़ सकता है?
हर वह नागरिक जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाने में हाथ बँटाना चाहता है।
- विद्यार्थी
- अधिवक्ता
- शिक्षक
- पेशेवर
- सामाजिक कार्यकर्ता
- पत्रकार
- आरटीआई कार्यकर्ता
- सेवानिवृत्त अधिकारी व कर्मचारी
- व्यवसायी एवं उद्यमी
- जागरूक नागरिक
सदस्य बनना आसान है
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नाम और मोबाइल नंबर
बस दो जानकारियों से शुरुआत।
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राज्य, ज़िला और सदस्यता
अपना क्षेत्र और सदस्यता का प्रकार चुनें।
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पहचान पत्र और शुल्क
पहचान पत्र की फोटो, फिर बैंक/UPI से शुल्क। जाँच के बाद सदस्य संख्या।
शुल्क केवल ऑनलाइन (बैंक ट्रांसफर / UPI) — नकद नहीं।
पंजीकृत, पारदर्शी, जवाबदेह
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धारा 8 कंपनी
कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के अंतर्गत 18 अप्रैल 2026 को पंजीकृत गैर-लाभकारी संस्था।
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CIN
U88900UT2026NPL021320 — कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत निगमित। कोई भी इसे mca.gov.in पर जाँच सकता है।
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संस्था का अपना बैंक खाता
हर शुल्क सीधे फाउंडेशन के अपने खाते (भारतीय स्टेट बैंक, कनखल) में — किसी व्यक्ति के खाते में कभी नहीं।
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आयकर अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत
धारा 332 (पहले 12A) में पंजीकरण और धारा 354 (पहले 80G) में अनुमोदन — URN AALCN5356JE20261 / AALCN5356JF20261 (अस्थायी, कर वर्ष 2026-27 से 2028-29)।
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हर सदस्य कार्ड जाँचा जा सकता है
सदस्य कार्ड का QR स्कैन करके कोई भी देख सकता है कि सदस्यता असली और चालू है।
निदेशकों का संदेश
“हमारा दृढ़ विश्वास है कि प्रत्येक व्यक्ति को न्याय, सम्मान, जागरूकता, शिक्षा एवं समान अवसर प्राप्त होना चाहिए। हम विद्यार्थियों, अधिवक्ताओं, पेशेवरों, समाजसेवियों, व्यवसायियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों एवं सभी जागरूक नागरिकों को इस मिशन से जुड़ने हेतु हार्दिक आमंत्रण देते हैं।”
इस मिशन का हिस्सा बनें
आइए, मिलकर एक मजबूत, जागरूक एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण में योगदान दें।